प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत नए लाभार्थियों को जोड़ने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है; यह सर्वे खासतौर पर उन परिवारों पर केंद्रित है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अभी भी कच्चे या जर्जर घरों में रहने को मजबूर हैं; सरकार का लक्ष्य ऐसे ग्रामीण परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें सुरक्षित और स्थायी आवास मिल सके; इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को लगभग ₹1,20,000 तक की सहायता दी जाती है, जिसके जरिए वे अपना घर बनवा सकते हैं।
पीएम आवास योजना ग्रामीण के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ तभी मिल सकता है जब आवेदक सभी जरूरी पात्रताओं को पूरा करे; सबसे पहले, लाभार्थी सूची में नाम होना अनिवार्य है; इसके साथ ही आवेदक ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए और उसके पास पक्का मकान नहीं होना चाहिए या वह कच्चे घर में रह रहा हो; परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए और सालाना घरेलू आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए; अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है; आवेदन के समय सही दस्तावेज और सभी आवश्यक जानकारी देना जरूरी है ताकि पात्रता की पुष्टि हो सके।
योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पात्र परिवारों को कुल ₹1,20,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है; यह राशि एक साथ नहीं दी जाती, बल्कि घर निर्माण की प्रगति के अनुसार चार किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है; ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए सहायता राशि अलग-अलग तय की गई है; मजदूरी से जुड़ी राशि मास्टर रोल सिस्टम के माध्यम से दी जाती है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे; किस्त जारी होने के लिए आवेदक को योजना के नियमों का पालन करना आवश्यक है और निर्माण कार्य की प्रगति सही तरह से रिपोर्ट की जानी चाहिए।